Quotes by Surender Mohan Pathak

गुनाह को आंखों के सामने होता देख कर खामोश रहना गुनहगार की मदद करना है।
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गुनाह को आंखों के सामने होता देख कर खामोश रहना गुनहगार की मदद करना है।
कुत्ते और आदमी में बुनियादी फर्क ये है कि तुम किसी भूखे कुत्ते के लिये दयाभाव दिखाओ और उसे रोटी खिला कर मरने से बचाओ तो वो तुम्हें कभी नहीं काटता।
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कुत्ते और आदमी में बुनियादी फर्क ये है कि तुम किसी भूखे कुत्ते के लिये दयाभाव दिखाओ और उसे रोटी खिला कर मरने से बचाओ तो वो तुम्हें कभी नहीं काटता।
सफलतायें दोस्त बनाती है, विफलतायें उन्हें आजमाती है।
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सफलतायें दोस्त बनाती है, विफलतायें उन्हें आजमाती है।
क्रोध में वो आंधी होती है जो विवेक का दीपक बुझा देती है
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क्रोध में वो आंधी होती है जो विवेक का दीपक बुझा देती है